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निमोनिया : कारण, लकà¥à¤·à¤£, जोखिम, निदान और इलाज
निमोनिया à¤à¤• फेफड़ों का संकà¥à¤°à¤®à¤£ है जिसके कारण à¤à¤• या दोनों फेफड़ों में हवा की थैली में सूजन आ जाती है। कफ या मवाद के साथ खांसी, बà¥à¤–ार, ठंड लगना और सांस लेने में तकलीफ तब हो सकती है जब वायॠथैली दà¥à¤°à¤µ या मवाद (पà¥à¤¯à¥‚रà¥à¤²à¥‡à¤‚ट सामगà¥à¤°à¥€) से à¤à¤° जाà¤à¥¤ निमोनिया बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, वायरस और कवक सहित विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के कारण हो सकता है।
निमोनिया, वायरल और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² दोनों, संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• है। इसका मतलब यह है कि छींक या खांसी से हवा की बूंदों को अंदर लेने से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में पारित किया जा सकता है। इस पà¥à¤°à¤•ार के निमोनिया को निमोनिया पैदा करने वाले बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ या वायरस से दूषित सतहों या वसà¥à¤¤à¥à¤“ं के संपरà¥à¤• में आने से à¤à¥€ अनà¥à¤¬à¤‚धित किया जा सकता है। फंगल निमोनिया परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ से अनà¥à¤¬à¤‚धित किया जा सकता है। यह à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में नहीं जाता है।
निमोनिया को आगे कैसे या कहाठपà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ किया गया था, इसके आधार पर शà¥à¤°à¥‡à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ किया गया है:
असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤²-अधिगà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ निमोनिया (HAP) – इस तरह के जीवाणॠनिमोनिया असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में रहते हà¥à¤ अनà¥à¤¬à¤‚धित होते हैं। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि निहित बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ अनà¥à¤¯ किसà¥à¤®à¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में दवाओं के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अधिक पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¥€ हो सकते हैं, यह अधिक खतरनाक हो सकता है।
समà¥à¤¦à¤¾à¤¯-अधिगà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ निमोनिया (सीà¤à¤ªà¥€) – à¤à¤• चिकितà¥à¤¸à¤¾ या संसà¥à¤¥à¤¾à¤—त सेटिंग के बाहर पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ निमोनिया को इसे कहा जाता है।
वेंटिलेटर से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ निमोनिया (VAP) – VAP à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का निमोनिया है जो वेंटिलेटर का उपयोग करने वाले रोगियों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है।
à¤à¤¸à¥à¤ªà¤¿à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ निमोनिया – à¤à¤¸à¥à¤ªà¤¿à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ नà¥à¤¯à¥‚मोनिया à¤à¥‹à¤œà¤¨, पेय या लार से आपके फेफड़ों में सूकà¥à¤·à¥à¤®à¤œà¥€à¤µà¥‹à¤‚ को अंदर ले जाने के कारण होता है। यदि आपको निगलने में कठिनाई होती है या दवाओं, शराब, या अनà¥à¤¯ दवाओं के उपयोग से अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• बेहोश हो जाते हैं, तो à¤à¤¸à¤¾ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक होती है।
वॉकिंग निमोनिया
वॉकिंग निमोनिया à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का निमोनिया है जो कम गंà¤à¥€à¤° होता है। वॉकिंग निमोनिया के मरीज इस बात से अनजान हो सकते हैं कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ यह बीमारी है। यह संà¤à¤µ है कि उनके लकà¥à¤·à¤£ निमोनिया की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में à¤à¤• छोटी सांस की बीमारी के समान हों। दूसरी ओर, चलने वाले निमोनिया के लिठलंबे समय तक सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ होने की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है।
निमोनिया चलने के कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£ निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित हैं:
à¤à¤• निमà¥à¤¨ शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ का बà¥à¤–ार
सूखी खांसी जो à¤à¤• सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से अधिक समय तक रहती हैÂ
ठंड लगना
साà¤à¤¸ लेने में तकलीफ
सीने में बेचैनी
कम à¤à¥‚ख
निमोनिया आमतौर पर वायरस और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ जैसे सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¥‹à¤•ोकस नà¥à¤¯à¥‚मोनिया और हीमोफिलस इनà¥à¤«à¥à¤²à¥à¤à¤‚जा के कारण होता है। दूसरी ओर वॉकिंग निमोनिया, आमतौर पर माइकोपà¥à¤²à¤¾à¤œà¥à¤®à¤¾ नà¥à¤¯à¥‚मोनिया बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण होता है।
निमोनिया के चरण
निमोनिया को फेफड़ों के उस हिसà¥à¤¸à¥‡ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° पहचाना जा सकता है जो यह पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है:
बà¥à¤°à¥‹à¤¨à¥à¤•ोपमोनिया – बà¥à¤°à¥‹à¤¨à¥à¤•ोपमोनिया आपके फेफड़ों के दोनों तरफ के हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकता है। यह आमतौर पर आपकी बà¥à¤°à¤¾à¤‚काई में या उसके आसपास देखा जाता है। आपके शà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¨à¤²à¥€ को आपके फेफड़ों से जोड़ने वाली नलियों को बà¥à¤°à¥‹à¤¨à¥à¤•िओलà¥à¤¸ के रूप में जाना जाता है।
लोबार निमोनिया – आपके फेफड़ों के à¤à¤• या अधिक लोब लोबार निमोनिया से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होते हैं। फेफड़े लोब में विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ होते हैं, जो फेफड़े के अलग-अलग कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° होते हैं। बीमारी कितनी आगे बढ़ चà¥à¤•ी है, इसके आधार पर लोबार निमोनिया को चार चरणों में वरà¥à¤—ीकृत किया जा सकता है।
कंजेशन – फेफड़े मोटे और बंद दिखाई देते हैं। हवा की थैली में जमा हà¥à¤ दà¥à¤°à¤µ में संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• जीव जमा हो गठहैं।
लाल हेपेटाइज़ेशन – दà¥à¤°à¤µ लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ कोशिकाओं से दूषित हो गया है। इसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प फेफड़े लाल और ठोस दिखाई देते हैं।
गà¥à¤°à¥‡ हेपेटाइज़ेशन – यह à¤à¤• शबà¥à¤¦ है जो किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का वरà¥à¤£à¤¨ करने के लिठपà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया जाता है ‘लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाà¤à¤‚ टूटने लगती हैं, लेकिन पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ कोशिकाà¤à¤‚ अà¤à¥€ à¤à¥€ मौजूद हैं। लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं का रंग लाल से à¤à¥‚रे रंग में बदल जाता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे टूट जाते हैं।
समाधान – पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ कोशिकाओं दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ संकà¥à¤°à¤®à¤£ को साफ किया जा रहा है। à¤à¤• उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤• खांसी फेफड़ों से किसी à¤à¥€ शेष तरल को बाहर निकालने में मदद करती है।
निमोनिया के कारण
निमोनिया तब होता है जब बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ फेफड़ों में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करते हैं और बीमारी पैदा करते हैं। संकà¥à¤°à¤®à¤£ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ फेफड़ों (à¤à¤²à¥à¤µà¤¿à¤¯à¥‹à¤²à¥€) में वायॠथैली की सूजन का कारण बनती है। सूजन के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प हवा की थैली अंततः मवाद और तरल पदारà¥à¤¥ से à¤à¤° सकती है, जिसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प निमोनिया के लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं। निमोनिया विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• जीवों के कारण हो सकता है, जिनमें बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, वायरस और कवक शामिल हैं।
बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² निमोनिया
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¥‹à¤•ोकस नà¥à¤¯à¥‚मोनिया जीवाणॠनिमोनिया का सबसे पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¿à¤¤ कारण है। विचार करने के लिठअनà¥à¤¯ कारक हैं:
माइकोपà¥à¤²à¤¾à¤œà¥à¤®à¤¾ नà¥à¤¯à¥‚मोनिया à¤à¤• जीवाणॠहै जो निमोनिया का कारण बनता है।
हीमोफिलस इनà¥à¤«à¥à¤²à¥à¤à¤‚जा à¤à¤• संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• रोग है जो बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ हीमोफिलस इनà¥à¤«à¥à¤²à¥à¤à¤‚जा के कारण होता है
लीजियोनेला नà¥à¤¯à¥‚मोफिला à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का लीजियोनेला बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ हैवायरल निमोनिया
निमोनिया अकà¥à¤¸à¤° शà¥à¤µà¤¸à¤¨ वायरस के कारण होता है। निमोनिया विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के वायरल संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ के कारण हो सकता है, जिनमें शामिल हैं:
इनà¥à¤«à¥à¤²à¥à¤à¤‚जा महामारी (फà¥à¤²à¥‚)
RSV (रेसà¥à¤ªà¤¿à¤°à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ सिंकाइटियल वायरस) à¤à¤• वायरस है जो शà¥à¤µà¤¸à¤¨ (RSV) का कारण बनता है
वायरस जो राइनोरिया (सामानà¥à¤¯ सरà¥à¤¦à¥€) का कारण बनते हैं
मानव पैरैनफà¥à¤²à¥à¤à¤‚जा वायरस (HPIV) से संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥¤
मानव मेटानà¥à¤¯à¥‚मोवायरस (à¤à¤šà¤à¤®à¤ªà¥€à¤µà¥€) से संकà¥à¤°à¤®à¤£
खसरा
चिकनपॉकà¥à¤¸ मà¥à¤°à¥à¤—ियों (वेरिसेला-जोसà¥à¤Ÿà¤° वायरस) के कारण होने वाली बीमारी है
à¤à¤¡à¥‡à¤¨à¥‹à¤µà¤¾à¤¯à¤°à¤¸ या कोरोनावायरस से संकà¥à¤°à¤®à¤£
वायरल और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² निमोनिया के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में समानता के बावजूद, वायरल निमोनिया अकà¥à¤¸à¤° हलà¥à¤•ा होता है। उपचार के बिना, यह 1 से 3 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में सà¥à¤§à¤¾à¤° कर सकता है। नेशनल हारà¥à¤Ÿ, लंग à¤à¤‚ड बà¥à¤²à¤¡ इंसà¥à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ट के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, वायरल निमोनिया से पीड़ित लोगों को बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² निमोनिया होने का खतरा होता है।
फंगल निमोनिया
निमोनिया मिटà¥à¤Ÿà¥€ या पकà¥à¤·à¥€ की बूंदों में पाठजाने वाले कवक के कारण हो सकता है। समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ वाले लोगों में उनके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प निमोनिया विकसित होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक होती है। निमोनिया का कारण बनने वाले कवक में निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित शामिल हैं:
नà¥à¤¯à¥‚मोसिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸ जीरोवेसीÂ
कà¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤Ÿà¥‹à¤•ोकस की पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
हिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤œà¥à¤®à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ की पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² निमोनिया के कम सामानà¥à¤¯ कारण हैं:
हीमोफिलस इनà¥à¤«à¥à¤²à¥à¤à¤‚जा टाइप बी (à¤à¤šà¤†à¤ˆà¤¬à¥€) 5 साल से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में निमोनिया का कारण बनता है। यह मेनिनà¥à¤œà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ और कान में संकà¥à¤°à¤®à¤£ जैसे अनà¥à¤¯ संकà¥à¤°à¤®à¤£ à¤à¥€ पैदा कर सकता है । हालांकि, हिब टीकाकरण के कारण, ये संकà¥à¤°à¤®à¤£ अब कम आम हैं।
Moraxella catarrhalis को हमारे मà¥à¤‚ह और गले के हानिरहित बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के हिसà¥à¤¸à¥‡ के रूप में देखा जाता है। लेकिन यह असà¥à¤¥à¤®à¤¾ और सीओपीडी जैसी अनà¥à¤¯ फेफड़ों की बीमारियों वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और वयसà¥à¤•ों में निमोनिया का कारण बन सकता है । आमतौर पर, यह बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कान में संकà¥à¤°à¤®à¤£ और साइनसाइटिस का कारण बनता है।
असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ मरीजों या वायरल फà¥à¤²à¥‚ के बाद सà¥à¤Ÿà¥ˆà¤«à¤¿à¤²à¥‹à¤•ोकस ऑरियस निमोनिया अधिक आम है। ये संकà¥à¤°à¤®à¤£ गंà¤à¥€à¤° और इलाज के लिठमà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये कई à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं के पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¥€ हैं।
वेंटिलेटर पर असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ मरीजों में कà¥à¤²à¥‡à¤¬à¤¸à¤¿à¤à¤²à¤¾ निमोनिया निमोनिया का कारण बन सकता है। यह शराबियों में निमोनिया का कारण à¤à¥€ बन सकता है।
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¥‹à¤•ोकस à¤à¤—à¥à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾ (गà¥à¤°à¥à¤ª बी सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤ª) à¤à¤• बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है जो महिला की योनि में देखा जाता है। वे बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® के दौरान à¤à¤• गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला से उसके बचà¥à¤šà¥‡ में जा सकते हैं और नवजात शिशà¥à¤“ं में गंà¤à¥€à¤° संकà¥à¤°à¤®à¤£ का कारण बन सकते हैं। वे उन बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों में à¤à¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£ पैदा कर सकते हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ या सà¥à¤¨à¤¾à¤¯à¤µà¤¿à¤• रोग है।
सà¥à¤¯à¥‚डोमोनास à¤à¤°à¥à¤—िनोसा सिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• फाइबà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ , कम पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ वाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ जैसे फेफड़ों के कारà¥à¤¯ में कमी वाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में निमोनिया का कारण बन सकता है।
वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की à¤à¥Œà¤—ोलिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के आधार पर, संकà¥à¤°à¤®à¤£ पैदा करने वाले बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के पà¥à¤°à¤•ार à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ हो सकते हैं। à¤à¤¸à¥‡ मामलों में, कà¥à¤› देशों से पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸ करने वाले यातà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और परà¥à¤¯à¤Ÿà¤•ों को बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के पà¥à¤°à¤•ारों के संपरà¥à¤• में लाया जा सकता है जो कि उनकी à¤à¥Œà¤—ोलिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में कम आम हैं। कà¥à¤› मामलों में, à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ अपनी कमजोर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ या अंतरà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¤¿à¤¤ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के कारण दà¥à¤°à¥à¤²à¤ पà¥à¤°à¤•ार के जीवाणॠनिमोनिया के संपरà¥à¤• में आ सकता है और कमजोर हो सकता है।
लकà¥à¤·à¤£
निमोनिया के लकà¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की उमà¥à¤°, उसकी सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और संकà¥à¤°à¤®à¤£ पैदा करने वाले सूकà¥à¤·à¥à¤®à¤œà¥€à¤µ के पà¥à¤°à¤•ार के आधार पर à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ होते हैं।
नवजात शिशà¥à¤“ं में, सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ घरघराहट, घà¥à¤°à¤˜à¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾, तेजी से सांस लेना, चिड़चिड़ापन और सà¥à¤¸à¥à¤¤ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° हैं। निमोनिया के हलà¥à¤•े लकà¥à¤·à¤£ सामानà¥à¤¯ सरà¥à¤¦à¥€ या फà¥à¤²à¥‚ के समान होते हैं लेकिन वे लंबे समय तक चलते हैं।
निमोनिया के सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में शामिल हैं:
बà¥à¤–ार, ठंड लगना और पसीना आना
खांसी, कफ के साथ या बिना कफ
छाती में दरà¥à¤¦
सांस लेने में कषà¥à¤Ÿ
मतली और उलà¥à¤Ÿà¥€
बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस का इलाज
मांसपेशियों में दरà¥à¤¦
सिरदरà¥à¤¦
थकान
à¤à¥à¤°à¤®
कà¥à¤› वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में निमोनिया पà¥à¤°à¤—ति कर सकता है और जीवन के लिठखतरा बन सकता है। और इसलिà¤, जितनी जलà¥à¤¦à¥€ हो सके चिकितà¥à¤¸à¤¾ सहायता के साथ शà¥à¤°à¥‚ किया जाना चाहिà¤à¥¤
जोखिम
निमोनिया किसी को à¤à¥€ हो सकता है लेकिन निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खतरा होता है।
2 साल से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‡
65 वरà¥à¤· से अधिक आयॠके वयसà¥à¤•
असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿: असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ होने से सूकà¥à¤·à¥à¤® जीवों के संपरà¥à¤• में आने का खतरा बढ़ जाता है, खासकर उन लोगों में जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ वेंटिलेटर की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ बीमारियों की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿: असà¥à¤¥à¤®à¤¾, कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• ऑबà¥à¤¸à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ पलà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤°à¥€ डिजीज ( सीओपीडी ), या हृदय रोग जैसी पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ बीमारियां होने से वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ निमोनिया की चपेट में आ सकता है।
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨: धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ आमतौर पर बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और वायरस के खिलाफ शरीर की पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रकà¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाता है, जिससे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को निमोनिया जैसे संकà¥à¤°à¤®à¤£ का खतरा अधिक हो जाता है।
कमजोर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€: à¤à¤šà¤†à¤ˆà¤µà¥€/à¤à¤¡à¥à¤¸ जैसी गंà¤à¥€à¤° अंतरà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¤¿à¤¤ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ वाले लोग, जिनके अंग पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ हà¥à¤ हैं, कीमोथेरेपी के नियमों पर या सà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤¯à¤¡ के दीरà¥à¤˜à¤•ालिक उपयोग वाले लोग निमोनिया के लिठअधिक जोखिम में हैं।
निदान
निमोनिया के लिठनैदानिक ​​परीकà¥à¤·à¤£ निमोनिया की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿, संकà¥à¤°à¤®à¤£ पैदा करने वाले सूकà¥à¤·à¥à¤®à¤œà¥€à¤µ और फेफड़ों को नà¥à¤•सान की सीमा का पता लगाते हैं। संकà¥à¤°à¤®à¤£ के पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° को सीमित करने, इसकी गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ को समà¤à¤¨à¥‡ और दिठजाने वाले उपचार के लिठà¤à¤• गाइड के रूप में à¤à¥€ निदान आवशà¥à¤¯à¤• है।
आम संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• जीवों की पहचान करना आमतौर पर मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है, और इसलिठचिकितà¥à¤¸à¤¾ इतिहास या रोगी, समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ में सामानà¥à¤¯ à¤à¤œà¥‡à¤‚टों की पहचान और रोगी की नैदानिक ​​​​पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤à¤¿ को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखा जाता है। à¤à¤¸à¥‡ मामलों में जहां पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• उपचार के बाद लकà¥à¤·à¤£ हल नहीं होते हैं, निमोनिया के कम सामानà¥à¤¯ कारणों का निदान और पहचान करने के लिठअतिरिकà¥à¤¤ परीकà¥à¤·à¤£ किया जा सकता है।
वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ और उसकी सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के आधार पर, सटीक निदान के लिठविà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—शाला परीकà¥à¤·à¤£ किठजा सकते हैं। आमतौर पर निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ नैदानिक ​​परीकà¥à¤·à¤£ जो पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—शाला में किठजा सकते हैं उनमें शामिल हैं:
पूरà¥à¤£ रकà¥à¤¤ गणना (सीबीसी) : संकà¥à¤°à¤®à¤£ की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का पता रकà¥à¤¤ में मौजूद शà¥à¤µà¥‡à¤¤ रकà¥à¤¤ कोशिकाओं या डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚बीसी की संखà¥à¤¯à¤¾ से लगाया जा सकता है।
बेसिक मेटाबोलिक पैनल (बीà¤à¤®à¤ªà¥€) : संकà¥à¤°à¤®à¤£ की गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ को निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठसोडियम, पोटेशियम और अनà¥à¤¯ ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ के लिठपरीकà¥à¤·à¤£à¥¤
धमनी रकà¥à¤¤ गैसें या à¤à¤¬à¥€à¤œà¥€ : यह परीकà¥à¤·à¤£ पीà¤à¤š और रकà¥à¤¤ में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ और कारà¥à¤¬à¤¨ डाइऑकà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ की मातà¥à¤°à¤¾ को मापता है। यह फेफड़ों के काम करने का संकेत है।
बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का निदान करने के लिà¤, निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ सामानà¥à¤¯ परीकà¥à¤·à¤£ हैं:
थूक संवरà¥à¤§à¤¨ / चने का दाग : निमोनिया के जीवाणॠकारण की पहचान करने के लिठपà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• परीकà¥à¤·à¤£à¥¤ संसà¥à¤•ृति उन à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं की à¤à¥€ पहचान कर सकती है जिनके लिठजीवाणॠà¤à¤œà¥‡à¤‚ट अतिसंवेदनशील है।
à¤à¤à¤«à¤¬à¥€ सà¥à¤®à¥€à¤¯à¤° à¤à¤‚ड कलà¥à¤šà¤° : तपेदिक à¤à¥€ निमोनिया की तरह उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ हो सकता है। फेफड़ों में तपेदिक                   Â
बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की पहचान करने के लिठयह परीकà¥à¤·à¤£ आवशà¥à¤¯à¤• है।
बà¥à¤²à¤¡ कलà¥à¤šà¤° : यह परीकà¥à¤·à¤£ तब किया जाता है जब यह संदेह होता है कि संकà¥à¤°à¤®à¤£ फेफड़ों से रकà¥à¤¤ या रकà¥à¤¤ से फेफड़ों में फैल गया है।
फà¥à¤«à¥à¤«à¥à¤¸ दà¥à¤°à¤µ विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ : कà¤à¥€-कà¤à¥€ दà¥à¤°à¤µ फेफड़ों के चारों ओर इसके आवरणों के बीच जमा हो जाता है। निमोनिया के कारण की पहचान करने के लिठइस दà¥à¤°à¤µ का परीकà¥à¤·à¤£ किया जाता है।
विशेष परीकà¥à¤·à¤£ : विशेष परीकà¥à¤·à¤£ निमोनिया के विशिषà¥à¤Ÿ कारणों की पहचान कर सकते हैं। इनमें वे शामिल हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤¸à¤‚सà¥à¤•ृत नहीं किया जा सकता उदाहरण हैं:
माइकोपà¥à¤²à¤¾à¤œà¤¼à¥à¤®à¤¾
लीजोनेला
इनà¥à¤«à¥à¤²à¥à¤à¤‚जा टेसà¥à¤Ÿ
आरà¤à¤¸à¤µà¥€ परीकà¥à¤·à¤£
फंगल परीकà¥à¤·à¤£
चेसà¥à¤Ÿ à¤à¤•à¥à¤¸-रे : चेसà¥à¤Ÿ à¤à¤•à¥à¤¸-रे फेफड़ों के संकà¥à¤°à¤®à¤£ की गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ का पता लगाता है और उसका मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन करता है। जब किसी मरीज को निमोनिया होता है, तो पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ फेफड़ा छाती के à¤à¤•à¥à¤¸-रे पर पैच के रूप में दिखाई दे सकता है।
कंपà¥à¤¯à¥‚टेड टोमोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ सà¥à¤•ैन : (सीटी सà¥à¤•ैन) का उपयोग फेफड़ों की संरचना और निमोनिया के कारण होने वाले परिवरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ का पता लगाने और उनका मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन करने के लिठकिया जाता है।
निमोनिया का इलाज
निमोनिया के लिठउपचार संकà¥à¤°à¤®à¤£ के पà¥à¤°à¤•ार और गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ के आधार पर à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ होता है। निमोनिया के लिठविà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ दवाओं में शामिल हैं:
à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ : ये दवाà¤à¤‚ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पर काम करती हैं। à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निमोनिया पैदा करने वाले बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के पà¥à¤°à¤•ार के आधार पर निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ किठजाते हैं। यदि लकà¥à¤·à¤£ कम होने में विफल होते हैं, तो à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨ किया जाता है।
खांसी की दवा : गंà¤à¥€à¤° खांसी मरीजों के लिठपरेशानी का सबब बन सकती है। खांसी की दवा खांसी को कम करती है और रोगी को आराम करने में मदद करती है। कà¤à¥€-कà¤à¥€ फेफड़ों से तरल पदारà¥à¤¥ निकालने के लिठखांसी की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। à¤à¤¸à¥‡ मामलों में, खांसी की दवा की कम खà¥à¤°à¤¾à¤• को कम किया जा सकता है।
जà¥à¤µà¤°à¤¨à¤¾à¤¶à¤• : जब किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को संकà¥à¤°à¤®à¤£ के दौरान बà¥à¤–ार और दरà¥à¤¦ के कारण असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ हो रही हो, तो बà¥à¤–ार और दरà¥à¤¦ को कम करने के लिठपेरासिटामोल जैसी दवाà¤à¤‚ दी जाती हैं।Â
गंà¤à¥€à¤° संकà¥à¤°à¤®à¤£ : 65 वरà¥à¤· से अधिक उमà¥à¤° के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿, या यदि उनके रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª में à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨à¤¤à¤¾ है , गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की कारà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को नà¥à¤•सान, तेजी से सांस लेने, à¤à¥à¤°à¤®, निमà¥à¤¨ / उचà¥à¤š हृदय गति और सांस लेने में कठिनाई के लिठअसà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ होने की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है : यदि वे 2 महीने से कम उमà¥à¤° के हैं या यदि वे सà¥à¤¸à¥à¤¤ हैं, तेज बà¥à¤–ार है और सांस लेने में कठिनाई का अनà¥à¤à¤µ कर रहे हैं। यदि बचà¥à¤šà¤¾ निरà¥à¤œà¤²à¤¿à¤¤ दिखाई देता है, तो यह उसे असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ कराने का à¤à¥€ संकेत है।
जो लोग निमोनिया से संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हैं : उनके लिठà¤à¤°à¤ªà¥‚र आराम करना, हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ रहना और निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ दवाà¤à¤‚ लेने से जटिलताओं के जोखिम को कम करने और तेजी से ठीक होने में मदद मिल सकती है।
निमोनिया की रोकथाम
कà¥à¤› अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ निमोनिया और गंà¤à¥€à¤° बीमारी को रोकने में मदद कर सकते हैं।
टीकाकरण : सबसे आम पà¥à¤°à¤•ार के निमोनिया को टीकाकरण से रोका जा सकता है। उपलबà¥à¤§ वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ में शामिल हैं
नà¥à¤¯à¥‚मोकोकल वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ : यह टीका वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¥‹à¤•ोकस निमोनिया के गंà¤à¥€à¤° संकà¥à¤°à¤®à¤£ से बचाता है। दो पà¥à¤°à¤•ार के नà¥à¤¯à¥‚मोकोकल वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ उपलबà¥à¤§ हैं। ये नà¥à¤¯à¥‚मोकोकल पॉलीसेकेराइड वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ (PPSV23) और नà¥à¤¯à¥‚मोकोकल कंजà¥à¤—ेट वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ (PCV13) हैं।
हीमोफिलस इनà¥à¤«à¥à¤²à¥à¤à¤‚जा वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ या हिब वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ हीमोफिलस इनà¥à¤«à¥à¤²à¥à¤à¤‚जा के कारण होने वाले निमोनिया को रोकता है।
अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤‚गिक टीकों में इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨, चिकन पॉकà¥à¤¸ वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨, MMR . शामिल हैं
कà¥à¤› अनà¥à¤¯ निवारक उपायों में शामिल हैं:
अचà¥à¤›à¥€ तरह से और बार-बार हाथ धोना
 छींकते समय नाक को ढंकना
दरवाजे की घà¥à¤‚डी, हैंडल, कीबोरà¥à¤¡, रिमोट, मोबाइल फोन और अनà¥à¤¯ वसà¥à¤¤à¥à¤“ं जैसी सतहों की सफाई और कीटाणà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ करना जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अकà¥à¤¸à¤° हाथों से छà¥à¤† जाता है।
बिना हाथ धोठचेहरे, आंख, नाक और मà¥à¤‚ह को छूने से बचें
उन लोगों के साथ निकट संपरà¥à¤• से बचना जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सरà¥à¤¦à¥€ और खांसी के शà¥à¤µà¤¸à¤¨ संकà¥à¤°à¤®à¤£ हैं
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ बंद करो
जटिलताओं
संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ जटिलताओं में से हैं:
पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ – यदि आपके पास पहले से मौजूद कà¥à¤› चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ विकार हैं, तो निमोनिया उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बढ़ा सकता है। कंजेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ दिल की विफलता और वातसà¥à¤«à¥€à¤¤à¤¿ इन विकारों में से दो हैं। निमोनिया से कà¥à¤› लोगों में दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है ।
बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ – निमोनिया के संकà¥à¤°à¤®à¤£ से बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ आपके रकà¥à¤¤à¤ªà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर सकते हैं और बीमारी का कारण बन सकते हैं। इसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प कà¥à¤› सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में खतरनाक रूप से निमà¥à¤¨ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª , सेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• शॉक और अंग विफलता हो सकती है।
फेफड़े के फोड़े – ये फेफड़ों में मवाद से à¤à¤°à¥€ गà¥à¤¹à¤¾à¤à¤‚ हैं। उनका à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं से इलाज किया जा सकता है। मवाद को खतà¥à¤® करने के लिà¤, रोगियों को जल निकासी या सरà¥à¤œà¤°à¥€ की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है।
सांस लेने में समसà¥à¤¯à¤¾ – जब आप सांस लेते हैं, तो आपको परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने में कठिनाई हो सकती है। यह संà¤à¤µ है कि आपको वेंटिलेटर का उपयोग करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होगी।
तीवà¥à¤° शà¥à¤µà¤¸à¤¨ संकट सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® (à¤à¤†à¤°à¤¡à¥€à¤à¤¸) : à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जिसमें शरीर का यह शà¥à¤µà¤¸à¤¨ विफलता का सबसे गंà¤à¥€à¤° पà¥à¤°à¤•ार है। यह à¤à¤• चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जिस पर ततà¥à¤•ाल धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
फà¥à¤«à¥à¤«à¥à¤¸ बहाव – यह à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का फà¥à¤«à¥à¤«à¥à¤¸ बहाव होता है जो तब होता है जब आप अपने निमोनिया का इलाज नहीं करते हैं, तो आप फà¥à¤«à¥à¤«à¥à¤¸ बहाव विकसित कर सकते हैं, जो आपके फà¥à¤«à¥à¤«à¥à¤¸ में आपके फेफड़ों के आसपास तरल होता है। फà¥à¤«à¥à¤«à¥à¤¸ पतली à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ होती है जो आपके पसली के पिंजरे के अंदर और आपके फेफड़ों के बाहर की रेखा बनाती है। यदि दà¥à¤°à¤µ संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• हो जाता है, तो इसे खाली कर दिया जाना चाहिà¤à¥¤
गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡, हृदय और यकृत को नà¥à¤•सान – यदि इन अंगों को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ नहीं मिलती है या यदि पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ बहà¥à¤¤ अधिक पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ करती है तो ये अंग घायल हो सकते हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ निमोनिया का इलाज संà¤à¤µ है?
यदि आपको जीवाणॠसंकà¥à¤°à¤®à¤£ है तो à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ को बहà¥à¤¤ जलà¥à¤¦ बंद नहीं करना चाहिà¤; अनà¥à¤¯à¤¥à¤¾, संकà¥à¤°à¤®à¤£ पूरी तरह से हल नहीं हो सकता है। यह इंगित करता है कि आपका निमोनिया दोबारा हो सकता है। à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं को अचानक बंद करने से à¤à¤‚टीबायोटिक पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§ को तेज किया जा सकता है। à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£ का इलाज करना अधिक कठिन होता है। घरेलू उपचार के साथ, वायरल निमोनिया आमतौर पर 1 से 3 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में ठीक हो जाता है। कà¥à¤› परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¤‚टीवायरल की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है। फंगल निमोनिया का इलाज à¤à¤‚टिफंगल दवाओं से किया जाता है। इसके लिठलंबे उपचार समय की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में निमोनिया
मातृ निमोनिया निमोनिया है जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान विकसित होता है। गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को निमोनिया जैसे संकà¥à¤°à¤®à¤£ की आशंका अधिक होती है। यह गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान होने वाली पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ की पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक नमी से संबंधित है।
निमोनिया के लकà¥à¤·à¤£ तिमाही तक नहीं बदलते हैं। हालाà¤à¤•ि, अनà¥à¤¯ असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤“ं के कारण आप अनà¥à¤à¤µ कर सकती हैं, आप उनमें से कà¥à¤› को बाद में अपनी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में नोटिस कर सकती हैं। यदि आप à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ की उमà¥à¤®à¥€à¤¦ कर रहे हैं, तो जैसे ही आपको निमोनिया के लकà¥à¤·à¤£ दिखाई दें, अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° को बà¥à¤²à¤¾à¤à¤à¥¤ समय से पहले जनà¥à¤® और जनà¥à¤® के समय कम वजन दो à¤à¤¸à¥‡ मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ हैं जो मातृ निमोनिया से उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो सकते हैं।
निषà¥à¤•रà¥à¤·
निमोनिया à¤à¤• जीवाणà¥, वायरल या फंगल फेफड़ों का संकà¥à¤°à¤®à¤£ है। संकà¥à¤°à¤®à¤£ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प, फेफड़ों में हवा की थैली मवाद और तरल पदारà¥à¤¥ के साथ सूज जाती है। लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में सांस लेने में कठिनाई, बलगम के साथ या बिना खांसी, बà¥à¤–ार और ठंड लगना शामिल हैं। निमोनिया का निदान करने के लिठआपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤• शारीरिक परीकà¥à¤·à¤£ करेगा और आपके चिकितà¥à¤¸à¤¾ इतिहास की जांच करेगा। वे अधिक परीकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का सà¥à¤à¤¾à¤µ दे सकते हैं, जैसे छाती का à¤à¤•à¥à¤¸-रे।
उपचार संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण से निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ होता है। à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸, à¤à¤‚टीवायरल डà¥à¤°à¤—à¥à¤¸ और à¤à¤‚टीफंगल दवाओं सà¤à¥€ का उपयोग किया जा सकता है। निमोनिया आमतौर पर कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में दूर हो जाता है। यदि आपके लकà¥à¤·à¤£ खराब हो जाते हैं, तो बहà¥à¤¤ दूर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अधिक गंà¤à¥€à¤° परिणामों से बचने या उनका इलाज करने के लिठआपको असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ होने की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है।
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